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सड़क किनारे रेत के ढेर मिले, खनिज-राजस्व पहुंचा तो खुली पोल; जैतपुर पुलिस पर उठी उंगलियां



शहडोल। सादिक खान 

शहडोल। जैतपुर थाना एक बार फिर विवादों में है। कभी कमता कांड तो कभी अवैध रेत खनन और परिवहन को लेकर सुर्खियों में रहने वाली जैतपुर पुलिस पर अब नया सवाल खड़ा हो गया है। प्रशासन की संयुक्त टीम ने सड़क किनारे और खुले स्थानों से करीब 210 घन मीटर अवैध रेत का भंडारण पकड़कर जेसीबी से नष्ट कर दिया, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी मात्रा में जमा रेत आखिर स्थानीय पुलिस को पहले क्यों नहीं दिखाई दी? सूत्रों का दावा है कि क्षेत्र में अवैध रेत कारोबार कुछ पुलिसकर्मियों की कथित मिलीभगत से फल-फूल रहा था। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक शहडोल के निर्देश पर सोमावर को खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने जैतपुर क्षेत्र में कार्रवाई की। ग्राम गलहथा के डोंगरी टोला में साबीर खान के घर के पास 30 घन मीटर, कामता शासकीय महाविद्यालय के पास 50 घन मीटर, झिरिया टोला की शासकीय भूमि पर 100 घन मीटर और ग्राम कोल्हुआ में 30 घन मीटर अवैध रेत का भंडारण मिला। सभी स्थानों पर जेसीबी से रेत का विनष्टीकरण कराया गया।

कार्रवाई के दौरान गलहता में बिना नंबर का एक संदिग्ध हाइवा भी कीचड़ में फंसा मिला। चालक मौके से गायब था और वाहन खराब हालत में मिला। प्रशासन ने वाहन मालिक की तलाश शुरू कर दी है। पहचान होने पर अलग से प्रकरण दर्ज किया जाएगा।

ग्रामीणों का आरोप है कि कुनुक नदी सहित आसपास के क्षेत्रों से लंबे समय से हाइवा वाहनों के जरिए अवैध रेत का खनन और परिवहन किया जा रहा था। उनका कहना है कि हाल ही में सोहागपुर पुलिस द्वारा पकड़े गए एक हाइवा के चालक ने पूछताछ में बताया था कि रेत कुनुक नदी से जैतपुर के एक "भाईजान" की जेसीबी से लोड की गई थी। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पूरी कार्रवाई एसडीएम जैतपुर, सहायक खनिज अधिकारी और थाना प्रभारी जैतपुर के नेतृत्व में हुई। प्रशासन का कहना है कि अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। वहीं, अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब संयुक्त टीम ने इतनी बड़ी मात्रा में अवैध रेत बरामद कर ली, तो स्थानीय पुलिस की निगाह इससे पहले उस पर क्यों नहीं पड़ी।


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