शहडोल। सादिक खान
शहडोल। जिले में रेत का कोई वैध ठेका नहीं होने के बावजूद अवैध उत्खनन और परिवहन का खेल थमता नजर नहीं आ रहा है। बारिश के मौसम में जब नदी-नाले उफान पर हैं, वहीं केशवाही क्षेत्र में दिनदहाड़े नदी की धार से मजदूरों के जरिए रेत निकलवाकर मिनी ट्रकों में लोड किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो सामने आने के बाद रेत के अवैध कारोबार को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामला बुढार थाना क्षेत्र की केशवाही चौकी अंतर्गत खरला गांव के पास स्थित केसेंढ नदी का बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां कथित तौर पर दिन-रात रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि रोजाना करीब 30 से अधिक मिनी ट्रक रेत लेकर शहडोल की ओर जाते हैं।
पुलिस की भूमिका पर भी उठे सवाल
स्थानीय निवासी ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर आरोप लगाया कि पूरे मामले में बुढार पुलिस की भूमिका की जांच होनी चाहिए। उसका दावा है कि प्रत्येक मिनी ट्रक से कथित तौर पर मोटी रकम पुलिस तक पहुंचती है। वहीं थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
केशवाही से जैतपुर जाने वाले प्रमुख भीतरी मार्ग के पास नदी से खुलेआम रेत निकाले जाने का आरोप है। ग्रामीणों का कहना है कि दिन के उजाले में हो रहे इस कथित अवैध उत्खनन के बावजूद जिम्मेदार विभाग प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। जिले के बुढार, जैतपुर और केशवाही क्षेत्रों में रेत चोरी को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।
खनिज विभाग बोला- सूचना पर करते हैं कार्रवाई
खनिज निरीक्षक अभिषेक पटले ने कहा कि जहां भी अवैध उत्खनन या परिवहन की जानकारी मिलती है, टीम मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करती है। कई बार टीम पहुंचने से पहले वाहन मौके से निकल जाते हैं।
गोहपारू थाना क्षेत्र में भी इन दिनों अवैध उत्खनन लगातार जारी है। कुनुक नदी से रेत की चोरी हो रही है। लोगों का कहना है कि गोहपारू थाने के एक आरक्षक शर्मा की सह में अवैध रेत खनन माफिया कर रहे है



0 Comments