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वनकर्मियों से ग्रामीणों तक... केशवाही में आयुर्वेदिक शिविर में उमड़ी भीड़


 शहडोल। सादिक खान 

शहडोल। जिले के केशवाही वन परिक्षेत्र कार्यालय में बुधवार को आयुष विभाग की ओर से निशुल्क आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षा श्रमिकों और आसपास के ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें जरूरत के अनुसार आयुर्वेदिक दवाइयां वितरित की गईं। शिविर का उद्देश्य लोगों को आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूक करना और प्राकृतिक औषधियों के उपयोग को बढ़ावा देना रहा।

केशवाही वन परिक्षेत्र के रेंजर अंकुर तिवारी ने बताया कि शहडोल से आयुष विभाग के डॉ. रावेंद्र तिवारी के नेतृत्व में छह सदस्यीय चिकित्सकीय दल शिविर में पहुंचा। टीम ने वन अमले के साथ-साथ ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान 100 से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य जांच कराई और चिकित्सकों से परामर्श लेने के बाद निशुल्क दवाइयां प्राप्त कीं।

रेंजर अंकुर तिवारी ने कहा कि आयुर्वेदिक चिकित्सा हमारी पारंपरिक उपचार पद्धति है। जंगलों में मिलने वाली कई वनौषधियों का उपयोग आयुष विभाग विभिन्न बीमारियों के उपचार में करता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में अधिकांश लोग एलोपैथिक उपचार पर अधिक भरोसा करते हैं, जबकि आयुर्वेद भी कई सामान्य बीमारियों के इलाज में प्रभावी और लाभकारी है। ऐसे शिविरों के माध्यम से लोगों में आयुर्वेद के प्रति विश्वास बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने भी चिकित्सकों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर परामर्श लिया और आयुर्वेदिक दवाइयां प्राप्त कीं। कई ग्रामीणों ने बताया कि इस तरह के शिविर दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित होते हैं, क्योंकि उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों से निशुल्क उपचार और सलाह मिल जाती है।

कार्यक्रम के दौरान रेंजर अंकुर तिवारी ने ग्रामीणों को वन्यजीवों, विशेष रूप से भालू और हाथी से बचाव के उपायों की भी जानकारी दी। उन्होंने जंगल में सुरक्षित आवाजाही, सतर्कता और वन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। वन विभाग ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे।

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