शहडोल। सादिक खान
शहडोल। सेंट्रल इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (CIAP) के आह्वान पर देशभर में CPR डे मनाया गया। इसी क्रम में इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (IAP) की शहडोल शाखा ने जिले में दो स्थानों पर सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) और बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) का हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण आयोजित किया। इसमें 200 से अधिक लोगों ने भाग लेकर आपात स्थिति में जीवन बचाने की तकनीक सीखी।
IAP शहडोल शाखा के अध्यक्ष डॉ. टी.एन. चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का पहला सत्र एक निजी कॉलेज में हुआ। यहां डॉ. रीनू शर्मा, डॉ. निशांत प्रभाकर और डॉ. हरिनारायण ने विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
वहीं दूसरा प्रशिक्षण शासकीय एएनएम ट्रेनिंग सेंटर में आयोजित किया गया। यहां कोर्स कोऑर्डिनेटर एवं इंस्ट्रक्टर डॉ. सुनील कुमार हथगेल और CPR चैंपियन डॉ. सतीश बिसंदसानी ने डॉ. टी.एन. चतुर्वेदी और डॉ. उमेश नामदेव के सहयोगात्मक मार्गदर्शन में प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम में एएनएम छात्र-छात्राओं, जिला अस्पताल के नर्सिंग ऑफिसर्स, निजी अस्पतालों के डॉक्टरों, नर्सों, सपोर्ट स्टाफ और पैरामेडिकल छात्रों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
IAP शहडोल शाखा के सचिव एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुमार हथगेल ने बताया कि कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में सीपीआर और बीएलएस सबसे महत्वपूर्ण जीवनरक्षक कौशल है। इसे बिना किसी विशेष उपकरण के भी किया जा सकता है और समय पर सही तरीके से सीपीआर शुरू करने पर मरीज की जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसी आपात स्थिति में हर सेकंड कीमती होता है, इसलिए अधिक से अधिक लोगों को यह प्रशिक्षण लेना चाहिए।
कार्यक्रम का उद्देश्य आम लोगों और स्वास्थ्यकर्मियों को जीवनरक्षक तकनीकों के प्रति जागरूक करना और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता देने के लिए तैयार करना था।


0 Comments