दो गज दूरी कंटेनमेंट ऐरिया तक सीमित,बाकी का शहर भगवान भरोशे

शहडोल। केंद्र सरकार ने लोकडाउन को बढ़ाकर 31 मई तक कर दिया है। लेकिन लॉकडाउन का अशर सिर्फ उन कंटेनमेंट ऐरिया मे दिख रहा है जहां कोरोना से पीड़ित मरीजों को रखा गया है। इस एरिया को पूरी मुस्तैदी के साथ सील कर बाकी का शहर खोल दिया गया है। पूरा शहर अपनी मनमानी कर रहा है। लोगों को प्रशाशन ने कुछ विशेष छूट दि है लेकिन शहर को लोगों के द्वारा बार बार इस छूट का गलत फायदा उठाया जा रहा है।लोग कभी भी कही भी निकल कर घूम रहे है। पूरे शहर की जरूरी और गैर जरूरी दुकानों को खोल दिया गया है।इससे शहर मे कोरोना संक्रमण के फैलने का खतरा बढ़ रहा है। पहले लोग बीमारी को गंभीरता से लेते हुए सरकार के द्वारा इस बीमारी से बचने के लिए जो गाइडलाइन जारी किया गया था उसका पालन करते हुए लोग अनावश्यक घरों से बाहर नही निकलते थे और निकले भी तोदो गज दूरी कंटेनमेंट ऐरिया तक सीमित,बाकी का शहर भगवान भरोशेह अपने सुरक्षा का विशेष ध्यान देते थे। लेकिन जब से पूरे जिले को खोल दिया गया तब से पूरे जिले भर मे तरह तरह की अव्यवस्थाएं देखने को मिल रही है। लॉकडाउन के दौरान प्रदेश के हज़ारों मज़दूर जो अन्य प्रेदेशो मे फसे हुए है वे लगातार पलायन कर रहे है।और शहर के बीच से गुजर कर जाते है।ऐसे मे  पूरा शहर खुला हुआ है यदि शहर का एक भी व्यक्ति इनके संपर्क मे आया तो शहर की स्तिथि बिगड़ सकती है।

जिलाअस्पताल मे लॉकडाउन का नही हो रहा पालन

कोरोना संकट के बीच जहां सरकार और जिला प्रशाशन पूर्ण सक्रियता और गंभीरता के साथ इस बीमारी के प्रसार को रोकने का यथासंभव प्रयाश कर रही है।इस बीच कुछ जिम्मेदार प्रशानिक अधिकारियों की लापहरवाही देखने को मिल रही है।जिला अस्पताल मे लोगों के बढ़ती भीड़ को कम करने के कोई संभव प्रयाश नही किये जा रहे है और न ही इस भीड़ को नियंत्रित किया जा रहा है।लोग अस्पताल के बाहर और अंदर अव्यवस्था फैलाते दिख जाते है।अस्पताल के दवा वितरण खिड़की,रजिस्ट्रेशन खिड़की, प्रसूता वार्ड, मेल वार्ड, मे लोगों की अनियंत्रित भीड़ लगती है।जिला अस्पताल प्रबंधक इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नही दे रहा है।लोग 5 से ज्यादा की संख्या मे भीड़ लगा कर खड़े रहते है। अस्पताल का कोई भी जिम्मेदार इस ओर ध्यान नही दे रहा है।लोग बिना मास्क के अस्पताल के अंदर घूमते दिख जाते है। कुछ लोगों से पूछे जाने पर उन्होंने बताया की उन्हें अभी मास्क और सेनेटाइजर नही मिल पाया है।जिला अस्पताल, जिला प्रशाशन के नाको ताके इस प्रकार का कृत्य करते नज़र आ रही है।

गंज बाज़ार मे फैल रही अव्यवस्था

जिला के ग्रीन जोन मे आते ही लोगों को छूट दे दि गई जिसका लोगों के द्वारा भरपूर दुरपयोग किया जा रहा है। किसी के द्वारा भी इस ओर गंभीरता से नही सोचा जा रहा है।छोटी सी छोटी चीज़ों को खरीदने के लिए एक घर से के लोग निकल कर बाज़ार की ओर निकल कर आ रहे है।पूरे शहर मे पुलिस व्यवस्था भी सीमित काम कर रही है। लोग अपनी मनमानियां करते नज़र आरहे है।