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कोहरे में मौत का जाल बना एनएच-43, सड़क किनारे खड़े ट्रकों से बढ़ रहे हादसे, जवाबदार मौन

 


शहडोल। सादिक खान 

शहडोल। जिले से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर लापरवाही रुकने का नाम नहीं ले रही है। आए दिन हो रहे सड़क हादसे लोगों की जान पर भारी पड़ रहे हैं। खासकर सर्दियों के मौसम में कोहरे की मार और सड़क किनारे बेतरतीब खड़े भारी वाहन दुर्घटनाओं को दावत दे रहे हैं। कोहरे की वजह से वाहन चालकों को सड़क किनारे खड़े ट्रक समय रहते दिखाई नहीं देते और अचानक टक्कर हो जाती है, जिसमें कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

बीते दिनों शहडोल-उमरिया हाईवे पर ऐसा ही एक दर्दनाक हादसा सामने आया था। सड़क किनारे खराब हालत में खड़े ट्रक के पीछे एक बोलेरो वाहन जा टकराई। इस वाहन में शहडोल डीएफओ का परिवार सवार था। इस भीषण दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की लापरवाही जस की तस बनी हुई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार सड़क किनारे खड़े ट्रकों से छोटे वाहनों की टक्कर हो रही है, लेकिन न तो यातायात पुलिस और न ही थाना पुलिस इस ओर गंभीरता से ध्यान दे रही है। शुक्रवार सुबह सोहागपुर थाना क्षेत्र से मेडिकल कॉलेज जाने वाले हाईवे पर कई ट्रक सड़क किनारे खड़े दिखाई दिए। उस समय सड़क पर घना कोहरा छाया हुआ था, बावजूद इसके ट्रकों को हटाने या चेतावनी संकेत लगाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई।

नियमों के अनुसार यदि कोई वाहन खराब हो जाता है और सड़क किनारे खड़ा करना मजबूरी हो, तो वाहन चालक को चाहिए कि वह ट्रक के आगे-पीछे चेतावनी संकेत लगाए। ग्रामीण क्षेत्रों में यह भी देखा गया है कि वाहन चालक पेड़ों की हरी टहनियां या पत्तियां लगाकर संकेत देते हैं, जिससे कोहरे में दूर से ही छोटे वाहन चालकों को यह समझ में आ सके कि आगे कोई वाहन खड़ा है।

अब सवाल यह है कि लगातार हो रही मौतों के बाद भी जिम्मेदार कब जागेंगे। यदि समय रहते सड़क किनारे खड़े वाहनों पर सख्ती नहीं की गई, तो एनएच-43 पर हादसों का सिलसिला यूं ही जारी रहेगा

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