शहडोल। सादिक खान
शहडोल जिले में भ्रष्टाचार पर लोकायुक्त का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। एक हफ्ते के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए रीवा लोकायुक्त की टीम ने गुरुवार को देवलौंद क्षेत्र के नगर परिषद खाड़ में पदस्थ महिला इंजीनियर सुधा वर्मा को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार रीवा की जेके कंस्ट्रक्शन कंपनी नगर परिषद खाड़ क्षेत्र में नाली, सड़क, स्टेडियम सहित कई निर्माण कार्य कर रही थी। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद कंपनी द्वारा बिल भुगतान की प्रक्रिया शुरू की गई। आरोप है कि बिल पास करने के एवज में नगर परिषद की महिला इंजीनियर सुधा वर्मा ने ठेकेदार से 20 हजार की रिश्वत की मांग की थी।
शिकायतकर्ता जेके अग्रवाल ने इसकी शिकायत रीवा लोकायुक्त से की। शिकायत की जांच के बाद लोकायुक्त टीम ने योजना बनाकर गुरुवार को नगर परिषद कार्यालय में जाल बिछाया। तय योजना के तहत जैसे ही महिला इंजीनियर ने 10 हजार रुपये की रिश्वत ली, लोकायुक्त की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथ दबोच लिया।
नगर परिषद कार्यालय के भीतर हुई इस कार्रवाई से कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। अचानक लोकायुक्त की टीम के पहुंचने से पूरे कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कार्रवाई के बाद टीम महिला इंजीनियर को पूछताछ और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए बाणसागर स्थित जल संसाधन विभाग के रेस्ट हाउस ले गई, जहां देर शाम तक कार्रवाई चलती रही। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की विवेचना जारी है
गौरतलब है कि इससे पहले 2 अप्रैल को भी लोकायुक्त रीवा ने जयसिंहनगर थाने में पदस्थ एक सहायक उप निरीक्षक को 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश गया है।

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