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सादगी और सेवा की मिसाल रहे गुफरान खान, नम आंखों के बीच सुपुर्द-ए-खाक

 


शहडोल। शहर ने एक और सम्मानित शख्सियत को खो दिया। वन विभाग से सेवानिवृत्त रेंजर मोहम्मद गुफरान खान का मंगलवार देर रात करीब 3 बजे निधन हो गया। उनके इंतकाल की खबर मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। सुबह से ही उनके निवास पर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा, जहां हर कोई उनके मिलनसार स्वभाव और नेकदिल इंसानियत को याद करता नजर आया।

गुफरान खान अपने सरल जीवन, साफ छवि और विभाग में ईमानदारी से दी गई सेवाओं के लिए जाने जाते थे। वे रिजवान खान और पूर्व पार्षद सूफियान के पिता थे, जिनके प्रति भी लोगों ने संवेदना व्यक्त की।मंगलवार शाम करीब 8 बजे उनका जनाजा पूरे सम्मान और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ निकाला गया।

 अंतिम विदाई में शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों लोग शामिल हुए। कब्रिस्तान में हर आंख नम थी और हर जुबान पर उनके नेक कामों की चर्चा थी।जनाजे में समाज के हर वर्ग, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और उनके पूर्व साथियों की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि गुफरान खान ने लोगों के दिलों में खास जगह बनाई थी।

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