शहडोल। सादिक खान
शहडोल। संविधान निर्माता भारतरत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की 135वीं जयंती के अवसर पर बिरसा मुण्डा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, शहडोल में भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. आंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. गिरीश बी. रामटेके ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना, मौलिक अधिकार, राज्य के नीति-निर्देशक तत्व, मौलिक कर्तव्य एवं संसदीय प्रणाली पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को संविधान के प्रति जागरूक किया। उन्होंने युवाओं से संविधान के मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन छात्र मोनू ओसवाल एवं काजल बारेला द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्राध्यापक डॉ. राजेश तेम्भुर्णीकर ने डॉ. आंबेडकर के जीवन संघर्षों को विस्तार से बताया, जबकि सह प्राध्यापक डॉ. एम. एम. अंसारी ने संविधान निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
छात्रा फातिमा अल्वी ने डॉ. आंबेडकर के विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया, वहीं छात्र भूपेश तोमर ने सामाजिक समानता एवं न्याय की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में डॉ. साबिर खान ने प्रेरणादायक कविता का पाठ किया। साथ ही छात्रों द्वारा मौलिक अधिकारों पर आधारित एक नाटक (स्किट) प्रस्तुत किया गया, जिसने सभी को प्रभावित किया।
इस अवसर पर चिकित्सालय के उप अधीक्षक डॉ. विक्रांत कबीरपंथी, डॉ. मितेश सिन्हा, डॉ. राजेश खरात, डॉ. गजेन्द्र सिंह सोलंकी, डॉ. मनोज मौर्य, डॉ. अखिलेश सिंह सहित अन्य चिकित्सक, चिकित्सा अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के उपरांत ब्लड सेंटर में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, जिसमें चिकित्सकों, कर्मचारियों एवं छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्तदान किया।

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