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शहडोल मेडिकल कॉलेज में एंटी-रैगिंग जागरूकता व्याख्यान, छात्रों ने ली अनुशासन बनाए रखने की शपथ

 

शहडोल। सादिक खान 

शहडोल। बिरसा मुंडा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, शहडोल में गुरुवार को एंटी-रैगिंग एवं छात्र अनुशासन विषय पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की एंटी-रैगिंग समिति एवं एंटी-रैगिंग स्क्वाड द्वारा मध्य प्रदेश पुलिस के सहयोग से किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिष्ठाता डॉ. गिरीश बी. रामटेके ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अनुशासन, नैतिकता और संवेदनशीलता जैसे मूल्यों का समावेश भी आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाविद्यालय में रैगिंग के प्रति “शून्य सहनशीलता” की नीति अपनाई गई है और किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कार्यक्रम में प्रमुख वक्ताओं के रूप में डॉ. मितेश सिन्हा, डॉ. राजेश टेंभुर्निकार, डॉ. किरण तथा डॉ. सुनील तिडके ने अपने विचार साझा किए। सभी वक्ताओं ने विद्यार्थियों को रैगिंग के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए एक स्वस्थ एवं सहयोगात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने की अपील की।

इस अवसर पर सोहागपुर थाना प्रभारी अरुण पाण्डेय ने विद्यार्थियों को रैगिंग से संबंधित कानूनी प्रावधानों एवं दंडात्मक कार्रवाई के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रैगिंग एक गंभीर अपराध है और इसके दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती है। साथ ही उन्होंने छात्रों से जिम्मेदार नागरिक बनने और कानून का सम्मान करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने रैगिंग न करने एवं महाविद्यालय में अनुशासन बनाए रखने की शपथ ली। इस दौरान एक सुरक्षित, सम्मानजनक एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाने का संकल्प भी लिया गया।

इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों में अनुशासन, आपसी सम्मान और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया गया, जिससे भविष्य में एक बेहतर शैक्षणिक माहौल का निर्माण सुनिश्चित हो सके। इस दौरान अस्पताल उप अधीक्षक डॉक्टर विक्रांत कबीरपंथी सहित अधिकरी कर्मचारी मौजूद रहे।



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