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30 हजार पद सरेंडर करने के फैसले के खिलाफ रेलवे कर्मचारियों का हल्ला बोल, जीएम ऑफिस के सामने विशाल धरना

 


शहडोल।सादिक खान 

शहडोल। बिलासपुर,रेलवे बोर्ड द्वारा 30 हजार पदों को सरेंडर किए जाने और कर्मचारी विरोधी नीतियों के विरोध में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मजदूर संघ ने शुक्रवार को बिलासपुर स्थित जीएम कार्यालय के सामने विशाल धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में रेलवे कर्मचारी, पदाधिकारी और शाखा प्रतिनिधि प्रदर्शन में शामिल हुए और बोर्ड के फैसले के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जोनल अध्यक्ष कमलेश सिंह ने की, जबकि मंच संचालन जोनल कार्यवाहक अध्यक्ष विवेकानंद चंद्रा ने किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय महामंत्री संतोष पटेल मुख्य रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा जोनल सलाहकार निमई बनर्जी, कार्यकारी महामंत्री बसंत महापात्रा समेत बिलासपुर, रायपुर और नागपुर मंडल के कई पदाधिकारी एवं सैकड़ों कर्मचारी शामिल हुए।

धरना को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि भारतीय रेल में ट्रेनों, यात्रियों और कार्यभार में लगातार वृद्धि हो रही है, लेकिन इसके विपरीत कर्मचारियों के पद खत्म किए जा रहे हैं। इससे कर्मचारियों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा और रेल संचालन तथा सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।

संघ के नेता पोम्पी सिंह ने कहा कि रेलवे केवल मशीनों से नहीं बल्कि कर्मचारियों की मेहनत, अनुभव और समर्पण से चलती है। यदि पदों को लगातार समाप्त किया जाता रहा तो इसका सीधा असर रेल सेवाओं और यात्रियों की सुरक्षा पर पड़ेगा। उन्होंने सरेंडर किए गए सभी पदों को तत्काल बहाल करने और रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती करने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने एकजुट होकर कर्मचारी हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। रेलवे बोर्ड के फैसले के विरोध में जमकर नारेबाजी करते हुए कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि उनके अधिकारों पर किसी भी तरह का हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अंत में राष्ट्रीय महामंत्री संतोष पटेल ने सभी कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कर्मचारियों की एकता ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत है और कर्मचारी हितों की रक्षा के लिए आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

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