शहडोल। सादिक खान
शहडोल। जिले में रेत के अवैध खनन और परिवहन पर कार्रवाई के दावों के बीच जैतपुर थाना क्षेत्र से एक बार फिर रेत माफिया की बेखौफ गतिविधियां सामने आई हैं। सोहागपुर पुलिस ने रेत से भरे एक हाइवा को जब्त कर यह साफ कर दिया कि जिले में वैध रेत ठेका नहीं होने के बावजूद अवैध कारोबार लगातार जारी है। पुलिस की कार्रवाई के बाद चालक के बयान से रेत की सप्लाई चेन और खनन के तरीके पर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी, हाइवा जब्त
सोहागपुर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि बुढार रोड की ओर से रेत से भरा एक हाइवा आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने महाराणा प्रताप चौक पर घेराबंदी कर वाहन क्रमांक एमपी-18-जेडएफ-9952 को रोक लिया। चालक संजय कुमार से रेत परिवहन के वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने वाहन जब्त कर लिया।
चालक ने बताया, कुनुक नदी से लोड हुई थी रेत
पुलिस की पूछताछ में चालक संजय कुमार ने पुलिस को बताया कि हाइवा में रेत जैतपुर थाना क्षेत्र की कुनुक नदी से जेसीबी के माध्यम से लोड की गई थी। उसने यह भी बताया कि वाहन मालिक अभिनंद सिंह, निवासी धनपुरी के कहने पर वह रेत शहडोल के पोंडा नाला के पास अनलोड करने जा रहा था, लेकिन रास्ते में पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
जैतपुर में लगातार सामने आ रहे अवैध खनन के मामले
जैतपुर क्षेत्र में अवैध रेत खनन और परिवहन के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दिनदहाड़े बड़े वाहनों में रेत भरकर परिवहन किया जाता है। उनका कहना है कि रेत से लदे वाहन जैतपुर थाने के सामने से गुजरते हैं, लेकिन उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
आरक्षक की भूमिका पर भी उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जैतपुर थाने में पदस्थ एक आरक्षक यादव की भूमिका संदिग्ध है। हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
पहले भी सामने आ चुका है अवैध भंडारण का मामला
कुछ दिन पहले भी जैतपुर क्षेत्र में निजी भूमि पर अवैध रूप से रेत का भंडारण किए जाने का मामला सामने आया था। आरोप था कि भू-स्वामी की आपत्ति के बाद खनन माफिया जेसीबी से रेत बड़े वाहनों में भरकर वहां से ले गए थे। लगातार सामने आ रहे मामलों ने जैतपुर क्षेत्र में अवैध रेत कारोबार पर प्रशासन की निगरानी और कार्रवाई को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

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