शहडोल। सादिक खान
शहडोल। जिले के जैतपुर क्षेत्र में क्षमता से अधिक भार वाले हाइवा वाहनों के लगातार आवागमन से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क और पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से नाराज ग्रामीण सोमवार को सड़क पर उतर आए। ममरा पंचायत के ग्रामीणों ने सुबह से ही गिट्टी लदे कई हाइवा वाहनों को रोककर वापस लौटा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सड़क की मरम्मत नहीं कराई जाती और ओवरलोड वाहनों का संचालन बंद नहीं होता, तब तक भारी वाहनों को गांव के रास्ते से नहीं गुजरने दिया जाएगा।
ग्रामीणों के अनुसार जैतपुर से गिट्टी लोड कर हाइवा वाहन अनूपपुर जिले के छतई स्थित पावर प्लांट तक जाते हैं। इसके लिए वाहन चालक जैतपुर-कोलमी मार्ग का उपयोग करते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग की क्षमता केवल आठ टन तक है, जबकि गिट्टी से लदे हाइवा 50 टन से अधिक वजन लेकर गुजरते हैं। इससे सड़क तेजी से टूट रही है और पुलिया भी क्षतिग्रस्त होने लगी है।
ममरा पंचायत के सरपंच शिवकुमार सिंह ने बताया कि भारी वाहनों के कारण सड़क की हालत लगातार खराब होती जा रही है। कई बार संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी के चलते ग्रामीणों ने सोमवार को सड़क पर खड़े होकर ओवरलोड वाहनों को आगे बढ़ने से रोक दिया।
प्रदर्शन के दौरान उप सरपंच दिनेश केवट, अनिल श्रीवास्तव, दीप नारायण सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सड़क और पुलिया की सुरक्षा को लेकर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
इस दौरान वाहन मालिक से ग्रामीणों की बातचीत भी हुई। बताया गया कि वाहन मालिक ने सड़क की मरम्मत कराने के बाद ही वाहनों का संचालन कराने का आश्वासन दिया। फिलहाल ग्रामीण प्रशासन से भी मामले में हस्तक्षेप कर स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।

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