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कुत्तों से बचने घर में घुसा चीतल का बच्चा वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू किया



शहडोल। सादिक खान 

 शहडोल। जैतपुर वन परिक्षेत्र के रसमोहनी बस्ती में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब कुत्तों के झुंड से बचता हुआ एक चीतल का बच्चा बस्ती में घुस आया। कुत्ते लगातार उसका पीछा कर रहे थे। जान बचाने के लिए चीतल का बच्चा दौड़कर बस्ती स्थित एक ग्रामीण के घर में घुस गया। ग्रामीणों ने उसे देखकर सुरक्षित किया और तत्काल वन विभाग को सूचना दी।

जानकारी मिलते ही जैतपुर वन परिक्षेत्र की टीम मौके पर पहुंची। वनकर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से चीतल के बच्चे को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। चीतल के बच्चे के शरीर पर चोट के निशान पाए गए थे। आशंका थी कि पीछा कर रहे कुत्तों ने उसे घायल किया होगा। इसके बाद वन विभाग ने पशु चिकित्सा अधिकारी को मौके पर बुलाकर उसकी जांच कराई।

पशु चिकित्सक ने चीतल के बच्चे के घावों की साफ-सफाई करने के साथ आवश्यक उपचार किया। उसे इंजेक्शन और मरहम भी लगाया गया। उपचार के बाद चीतल के बच्चे को वन विभाग की निगरानी में रखा गया है। रेंजर बृजलाल प्रजापति ने बताया कि कुत्तों के पीछा करने के कारण चीतल का बच्चा बस्ती में आ गया था। समय पर ग्रामीणों की सूचना मिलने से उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे सुरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा।

जंगल से बस्ती की ओर पहुंच रहे वन्यजीव

जैतपुर क्षेत्र में जंगल से लगे इलाकों में वन्यजीवों की आवाजाही अक्सर देखने को मिलती है। जंगल के आसपास बस्तियां होने के कारण कई बार जंगली जानवर भटककर आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच जाते हैं। कुछ माह पहले भी जैतपुर क्षेत्र में भालू की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना था। भालू को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पिंजरा भी लगाया था, हालांकि वह उसमें नहीं फंसा और बाद में जंगल की ओर चला गया था।

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि आबादी वाले क्षेत्र में किसी भी जंगली जानवर के पहुंचने पर उसके करीब न जाएं और उसे पकड़ने या भगाने का प्रयास न करें। इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें, ताकि वन्यजीव को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा जा सके।

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