शहडोल। सादिक खान
शहडोल। जैतपुर थाना क्षेत्र के एक गांव से 16 वर्षीय किशोर स्कूल जाने के लिए घर से निकला, लेकिन स्कूल पहुंचने के बजाय बाबा महाकाल के दर्शन करने उज्जैन चला गया। किशोर के अचानक लापता होने से परिजन परेशान हो गए और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। करीब एक सप्ताह बाद पुलिस ने उसे बैतूल जिले से दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
जानकारी के अनुसार, घटना 20 अगस्त की है। किशोर रोज की तरह स्कूली बैग लेकर घर से स्कूल जाने के लिए निकला था। हालांकि, उसके मन में स्कूल जाने के बजाय उज्जैन पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन करने की इच्छा थी। उसने अपने बैग में कपड़े रखे और जैतपुर बस स्टैंड पहुंच गया। वहां से बस के जरिए शहडोल आया और फिर नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन में बैठकर उज्जैन पहुंच गया।
किशोर ने उज्जैन पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन किए। शाम तक जब वह घर नहीं लौटा तो परिजनों ने स्कूल जाकर जानकारी ली। वहां पता चला कि किशोर उस दिन स्कूल पहुंचा ही नहीं था। इसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। परेशान परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर किशोर की तलाश शुरू की।
पुलिस की तलाश के दौरान किशोर के बैतूल जिले में होने की जानकारी मिली। पुलिस ने उसे दस्तयाब कर परिजनों के हवाले कर दिया। पूछताछ में किशोर ने बताया कि उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन करने के बाद वह दूसरी ट्रेन में बैठकर गुजरात के बड़ोदरा चला गया था। इसके बाद वहां से दूसरी ट्रेन पकड़कर बैतूल पहुंचा। इसी दौरान उसका परिजनों से संपर्क हुआ।
किशोर ने पुलिस को बताया कि वह सावन माह में बाबा महाकाल के दर्शन करना चाहता था, लेकिन परिजन उसे उज्जैन नहीं ले जा रहे थे। इसके बाद उसने अपने पिता से मिले पैसों में से कुछ राशि धीरे-धीरे बचाई और अकेले ही उज्जैन जाने का फैसला कर लिया। पुलिस ने किशोर को सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों को सौंप दिया।

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