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आयुष्मान योजना से अब शहडोल में होगा हार्ट और ब्रेन का मुफ्त इलाज, महानगरों के चक्कर से मिलेगी राहत

 


शहडोल। संभाग के मरीजों को गंभीर हृदय और मस्तिष्क संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए अब जबलपुर, नागपुर, भोपाल और रायपुर जैसे बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। शहडोल स्थित आदित्य सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कॉर्डियोलॉजी और न्यूरोसर्जरी की सुविधाएं शुरू की गई हैं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इन दोनों विभागों में पात्र आयुष्मान हितग्राहियों को कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी।

इस सुविधा से हार्ट अटैक, दिल की नसों में ब्लॉकेज, एंजियोप्लास्टी, पेसमेकर प्रत्यारोपण, ब्रेन हेमरेज, ब्रेन स्ट्रोक, लकवा, सिर की गंभीर चोट और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी जटिल बीमारियों का इलाज स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगा। इससे शहडोल, उमरिया और अनूपपुर सहित आसपास के जिलों के मरीजों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

24 घंटे उपलब्ध रहेगी कैथ लैब और विशेषज्ञ टीम

अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, कॉर्डियोलॉजी विभाग में अत्याधुनिक कैथ लैब स्थापित की गई है, जहां हार्ट अटैक के मरीजों की एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी जैसी प्रक्रियाएं की जा सकेंगी। वहीं न्यूरोसर्जरी विभाग में आधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और न्यूरो आईसीयू की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। यहां ब्रेन हेमरेज, सिर की गंभीर चोट, ब्रेन ट्यूमर, स्लिप डिस्क और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं का उपचार किया जाएगा।

समय पर इलाज मिलने से बच सकती है जान

हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक जैसी आपातकालीन स्थितियों में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में मरीजों को दूसरे शहरों में रेफर करने के दौरान लगने वाला समय कई बार जोखिम बढ़ा देता है। स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ डॉक्टरों और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता से मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा। सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल होने वाले मरीजों के लिए भी न्यूरोसर्जरी की सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है।

आयुष्मान कार्ड से मिलेगा कैशलेस उपचार

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, आयुष्मान भारत योजना के पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य सुरक्षा कवच मिलता है। योजना के तहत स्वीकृत उपचार पैकेज के अनुसार भर्ती, जांच, ऑपरेशन और दवाओं का खर्च कवर किया जाता है। मरीजों को अस्पताल में आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड और आवश्यक दस्तावेजों के साथ संपर्क करना होगा। इसके बाद पात्रता सत्यापन और संबंधित उपचार की सरकारी स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. आदित्य द्विवेदी ने बताया कि उद्देश्य संभाग के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बाहर जाने की मजबूरी से राहत दिलाना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सीने में दर्द, सांस फूलने, अचानक हाथ-पैर में कमजोरी, मुंह टेढ़ा होने या बोलने में परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तत्काल अस्पताल पहुंचकर उपचार लें।


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