शहडोल। सादिक खान
शहडोल। आदिवासी और गरीब लोगों के नाम पर नए वाहन फाइनेंस कराकर उन्हें कम दाम में बेचने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सिंहपुर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से एक कार सहित कुल 14 दोपहिया वाहन जब्त किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव ने पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि बीते लंबे समय से इस तरह की शिकायतें मिल रही थीं, जिनकी बारीकी से जांच के बाद पुलिस को सफलता मिली है। मामले की शुरुआत 25 दिसंबर 2024 को हुई, जब अनवर अली निवासी सिंहपुर ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में बताया गया कि रवीन्द्र गुप्ता और रवि सोनी निवासी सिंहपुर अपने साथियों अभयराज द्विवेदी, नुमान खान, मोहित बैगा और जयकुमार राव के साथ मिलकर आसपास के गरीब आदिवासी लोगों को मोटरसाइकिल फाइनेंस कराने का झांसा देते थे। इसके बाद उनके नाम पर शहडोल और आसपास की वाहन एजेंसियों से मोटरसाइकिलें फाइनेंस कराई जाती थीं, जिन्हें बाद में अधिक दाम में अन्य लोगों को बेच दिया जाता था।
पुलिस ने इस मामले में थाना सिंहपुर में अपराध क्रमांक दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 और 316 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना की। जांच में सामने आया कि आरोपी ऐसे जरूरतमंद लोगों को तलाशते थे, जिन्हें वाहन की आवश्यकता होती थी। उन्हें लालच देकर फाइनेंस की प्रक्रिया पूरी कराई जाती थी। इस पूरे नेटवर्क की योजना रवीन्द्र गुप्ता और अभयराज द्विवेदी द्वारा बनाई जाती थी।
प्रकरण में रवीन्द्र गुप्ता, अभयराज द्विवेदी, रवि सोनी और मोहित बैगा को गिरफ्तार किया गया है। एसपी ने बताया कि यह गिरोह शहडोल के अलावा उमरिया, डिंडौरी, अनूपपुर सहित अन्य जिलों में भी वाहन बेच चुका है। मामले में फाइनेंस कंपनियों के एजेंटों और वाहन एजेंसियों की संभावित मिलीभगत की भी जांच की जा रही है। इस सफलता में सिंहपुर थाना प्रभारी के साथ उप निरीक्षक आशीष झरिया की भूमिका महत्वपूर्ण रही।

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