शहडोल। सादिक खान
शहडोल। पुलिस लाइन स्थित रक्षित केंद्र में पहरा ड्यूटी के दौरान एक आरक्षक द्वारा आत्महत्या किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। घटना बीती रात लगभग 1:25 बजे की है, जब क्वार्टर गार्ड ड्यूटी पर तैनात आरक्षक शिशिर सिंह राजपूत (29) ने अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
सूत्रों के अनुसार, घटना से कुछ समय पहले आरक्षक मोबाइल फोन पर किसी से बातचीत कर रहा था। बातचीत के दौरान किसी बात को लेकर तनाव बढ़ गया, जिसके बाद उसने गुस्से में मोबाइल फोन जमीन पर पटक दिया। मोबाइल टूटने के तुरंत बाद आरक्षक ने सर्विस राइफल से गर्दन/दाढ़ी के पास गोली मार ली, जो सिर से आर-पार हो गई।
गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और निरीक्षण किया। मौके से टूटा हुआ मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच में जुटी हुई है।
मृतक आरक्षक शिशिर सिंह राजपूत पिता स्वर्गीय शरद सिंह, मूल रूप से जबलपुर जिले का निवासी था। उसे वर्ष 2013 में अनुकंपा नियुक्ति के तहत बाल आरक्षक बनाया गया था। वर्ष 2015 में 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद वह नियमित आरक्षक के पद पर नियुक्त हुआ। परिवार में उसकी मां और तीन बहनें हैं। घटना के बाद पुलिस विभाग में शोक की लहर है। परिजनों को सूचना देकर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

0 Comments