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हाथी के आतंक से दहला गांव, रातभर जागते रहे लोग… अब 4 हाथियों की मदद से होगा रेस्क्यू ऑपरेशन

 


शहडोल। सादिक खान 

शहडोल। जिले के केशवाही वन परिक्षेत्र में उत्पाती हाथी का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले सप्ताह किसान को कुचलकर मौत के घाट उतारने वाला हाथी अब गांव की बस्तियों तक पहुंच गया है। सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात हाथी बेरिहा गांव में घुस आया और करीब तीन घंटे तक बस्ती में उत्पात मचाता रहा। इस दौरान उसने एक घर में जमकर तोड़फोड़ की और कई कुंटल अनाज चट कर गया। हाथी के गांव में घुसने से पूरी बस्ती में दहशत फैल गई और ग्रामीणों को रातभर घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी।

जानकारी के अनुसार, हाथी रात में बेरिहा गांव की बस्ती में पहुंचा और सोनू यादव के कच्चे मकान को नुकसान पहुंचाते हुए घर में रखा अनाज खा गया। स्थिति को देखते हुए वन विभाग की टीम तत्काल गांव पहुंची और एक दर्जन से अधिक कच्चे मकानों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कराया। ग्रामीणों ने पास के टोला में बने पक्के मकानों की छतों पर पूरी रात गुजारी।

गज रक्षक ऐप से पहले ही मिला था अलर्ट

केशवाही रेंजर अंकुर तिवारी ने बताया कि हाथी के गांव की ओर बढ़ने की जानकारी मिलते ही गज रक्षक ऐप के माध्यम से ग्रामीणों को अलर्ट भेजा गया था। इसके बाद वन विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर लोगों को सतर्क किया और समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। उन्होंने बताया कि हाथी करीब तीन घंटे तक बस्ती में मौजूद रहा, लेकिन वन अमले की सतर्कता से कोई जनहानि नहीं हुई।

किसान की मौत के बाद बढ़ी दहशत

उल्लेखनीय है कि बीते सप्ताह गिरवा गांव में खेत में सो रहे किसान को हाथी ने कुचल दिया था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीण रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि उन्हें हर समय डर बना रहता है कि हाथी कब बस्ती में घुस आए।

बांधवगढ़ भेजा जाएगा उत्पाती हाथी

वन विभाग अब हाथी के रेस्क्यू की तैयारी में जुट गया है। रेंजर अंकुर तिवारी ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर बांधवगढ़ से तीन और संजय गांधी टाइगर रिजर्व से एक हाथी मंगलवार शाम तक केशवाही पहुंचेंगे। करीब 30 सदस्यीय रेस्क्यू दल में महावत, डॉक्टर और विशेषज्ञ शामिल रहेंगे। दल उत्पाती हाथी को नियंत्रित कर बांधवगढ़ के जंगल में ले जाएगा। इस सूचना के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।




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