शहडोल। सादिक खान
शहडोल। जिले में अवैध रेत भंडारण के खिलाफ जारी अभियान के तहत बुढार तहसीलदार मनोज सिंह ने ग्राम खैरहा में कार्रवाई करते हुए जिला पंचायत शहडोल की निर्माण समिति के सभापति जगन्नाथ शर्मा की भूमि पर भंडारित लगभग 60 घनमीटर रेत जब्त की है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध खनिज कारोबार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मामले में राजस्व विभाग द्वारा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
जानकारी के अनुसार राजस्व विभाग की जांच के दौरान खैरहा स्थित भूमि पर बड़ी मात्रा में रेत का भंडारण पाया गया। मौके पर भंडारित रेत से संबंधित आवश्यक दस्तावेज और वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं किए जाने पर प्रशासन ने नियमानुसार जब्ती की कार्रवाई की। तहसील प्रशासन ने रेत को अपने कब्जे में लेते हुए मामले की वैधानिक प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
बताया जाता है कि जगन्नाथ शर्मा वर्तमान में जिला पंचायत की निर्माण समिति के सभापति हैं और स्थानीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। ऐसे में प्रशासन की इस कार्रवाई ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार की गई है और अवैध खनिज भंडारण के मामलों में किसी भी व्यक्ति को छूट नहीं दी जाएगी।
गौरतलब है कि शहडोल जिला लंबे समय से अवैध रेत खनन, परिवहन और भंडारण की शिकायतों को लेकर चर्चा में रहा है। सोन, जोहिला सहित अन्य नदी क्षेत्रों से अवैध उत्खनन की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई किए जाने के बावजूद यह समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध रेत कारोबार से शासन को राजस्व हानि होने के साथ पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। नदी तटों पर अनियंत्रित उत्खनन से प्राकृतिक संतुलन प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
फिलहाल बुढार तहसील प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध खनिज कारोबार के खिलाफ अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। अब मामले में आगे की प्रशासनिक और खनिज विभाग की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
वहीं जब इस मामले में हमने जगन्नाथ शर्मा से बात की तो उन्होंने कहा कि पंचायत में सड़क,बाउंड्री का निर्माण होना है।जिसको लेकर रेत रखी थी,पंचायत का वर्क आर्डर है, कार्यवाही गलत है।

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