शहडोल। सादिक खान
शहडोल। विश्व हाथी दिवस के अवसर पर वन परिक्षेत्र केशवाही, वन मंडल दक्षिण शहडोल में 10 से 12 अगस्त तक विभिन्न गांवों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। विश्व हाथी दिवस के तहत पड़रिया, झिरिया, गिरवा, मलया, बटुरा, खमरौध, बरतर, बरगवां-18, सकरा और बलबहरा सहित अन्य गांवों में स्कूली बच्चों, शिक्षकों, ग्रामीणों और चरवाहों को हाथियों के व्यवहार, उनसे बचाव और जरूरी सावधानियों की जानकारी दी गई।
विश्व हाथी दिवस के दौरान वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को बताया कि हाथी गांव या आबादी क्षेत्र में आने पर उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी है। ग्रामीणों से कच्चे मकानों को खाली करने, हाथियों के नजदीक नहीं जाने, उन्हें उकसाने से बचने, गजरक्षक ऐप का उपयोग करने और हाथी की मौजूदगी की सूचना तत्काल वन विभाग को देने की अपील की गई।
कार्यक्रमों में विद्यार्थियों और ग्रामीणों को वन्यप्राणियों के संरक्षण के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। इस दौरान ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने वन एवं वन्यप्राणियों के संरक्षण का संकल्प लिया। विश्व हाथी दिवस का उद्देश्य हाथियों के संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए जरूरी सावधानियों की जानकारी देना रहा।
12 अगस्त को विश्व हाथी दिवस के अवसर पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बलबहरा में वन परिक्षेत्राधिकारी अंकुर तिवारी ने विजुअल प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विद्यार्थियों को हाथियों के व्यवहार, उनकी गतिविधियों और सुरक्षा संबंधी जानकारी दी। इस दौरान करीब तीन माह पहले वन विभाग द्वारा किए गए जंगली हाथी के सफल रेस्क्यू अभियान के बारे में भी विद्यार्थियों और ग्रामीणों को जानकारी दी गई।
विश्व हाथी दिवस के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों में वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों और विद्यार्थियों को हाथियों के संरक्षण के साथ-साथ उनकी मौजूदगी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम की जानकारी वन परिक्षेत्राधिकारी अंकुर तिवारी ने दी।

0 Comments