शहडोल। सादिक खान
शहडोल। सिकल सेल एनीमिया से प्रभावित मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने और गंभीर मामलों में समय पर उपचार सुनिश्चित करने के लिए शहडोल मेडिकल कॉलेज में संभाग स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। शनिवार को बिरसा मुंडा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) और जन स्वास्थ्य सहयोग (JSS) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम में शहडोल, अनूपपुर, उमरिया और डिंडौरी के चिकित्सक शामिल हुए। AIIMS रायपुर समेत विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञों ने सिकल सेल रोग की पहचान, जटिलताओं की रोकथाम और आधुनिक उपचार पद्धतियों की जानकारी दी।
गंभीर मरीजों के प्रबंधन पर जोर
आदिवासी बहुल शहडोल संभाग में सिकल सेल एनीमिया स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चुनौती है। जटिल मामलों में मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर करना पड़ता है। इसी दबाव को कम करने और प्राथमिक व जिला स्तर पर ही मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें चिकित्सकों को सिकल सेल रोग की शुरुआती जांच, मरीजों की काउंसलिंग और उपचार के आधुनिक प्रोटोकॉल की जानकारी दी गई।
तीन सत्रों में दिया प्रशिक्षण
कार्यशाला के पहले सत्र में फैमिली फिजिशियन डॉ. पंकज कुमार तिवारी ने सिकल सेल रोग के विभिन्न प्रभावों, शुरुआती स्क्रीनिंग और काउंसलिंग के बारे में बताया। दूसरे सत्र में AIIMS रायपुर के पीडियाट्रिक हेमेटोलॉजिस्ट डॉ. सुनील जोंधले ने गंभीर दर्द के दौरों, अंगों को होने वाले नुकसान की रोकथाम और दवाओं के उचित चयन पर प्रशिक्षण दिया।
तीसरे सत्र में सेवा रूरल की डॉ. गायत्री देसाई और JSS की डॉ. मीनाक्षी देब ने सिकल सेल से प्रभावित गर्भवती महिलाओं की देखभाल, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के प्रबंधन, सुरक्षित प्रसव और नवजात शिशु की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर जानकारी दी।
ग्रामीण मरीजों तक पहुंचेगा प्रशिक्षण का लाभ
समापन सत्र में मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. गिरीश बी. रामटेके और अस्पताल अधीक्षक डॉ. नागेंद्र सिंह ने कहा कि विशेषज्ञों के अनुभव और तकनीकी जानकारी से उपचार की गुणवत्ता बेहतर होगी। इसका लाभ अस्पतालों की ओपीडी और वार्डों में आने वाले ग्रामीण व आदिवासी मरीजों को मिल सकेगा।
अस्पताल प्रबंधक डॉ. साबिर खान ने कहा कि चार जिलों के मेडिसिन, शिशु रोग, स्त्री रोग और सर्जरी विशेषज्ञों सहित मेडिकल ऑफिसर्स का एक मंच पर आना संभाग की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विभागों के चिकित्सकों, ब्लड सेंटर प्रभारी डॉ. मारिया खातून और नर्सिंग स्टाफ ने भी भाग लिया। प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। आयोजन में सहयोग के लिए डॉ. साबिर खान ने JSS गनियारी की टीम और स्वास्थ्यकर्मियों का आभार जताया।

0 Comments