शहडोल जिला महा सचिव निशांत जोशी (निशु) ने मध्य प्रदेश के बजट पर

 

शहडोल।नाउम्मीदगी से भरा है मध्यप्रदेश का नया बजट. न बेहाल किसानों के लिए कोई ठोस कदम, न बेरोजगार युवाओं के लिए कोई कारगर योजना. उद्योग-व्यापार के लोगों के हाथ भी बस निराशा हाथ लगी है. शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे ज़रुरी विषय भी उपेक्षित हुए हैं. कुल मिलाकर केंद्रीय बजट की तरह निराशाजनक है ये बजट. एमपी अजब है सबसे गजब है!!!प्रदेश में 51 रोजगार कार्यालय संचालित थे उनमें से 36 शिवराज सरकार बंद करने जा रही है। बेरोजगारी खत्म करने का ये नया तरीका है पंजीयन खत्म कर दीजिये, कोई डाटा रहेगा नही तो फिर काय कि बेरोजगारी…मप्र में बेरोजगारी अब कागजों में पूर्णतया ख़त्म हो जायेगी।