शहडोल। सादिक खान
शहडोल। जिला चिकित्सालय में इलाज के नाम पर मरीजों से अवैध वसूली का मामला एक बार फिर सामने आया है। इस बार धनपुरी निवासी एक गरीब परिवार ने अस्पताल के सर्जन बीपी पटेल पर ऑपरेशन के बदले 25 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने शुक्रवार को सिविल सर्जन से लिखित शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार धनपुरी के आलमगंज चीप हाउस निवासी मो. शिराजुद्दीन ने अपनी पत्नी असगरी बेगम (34) को 10 फरवरी को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि 12 फरवरी को महिला का ऑपरेशन होना तय हुआ, लेकिन ऑपरेशन से पहले ही सर्जन बीपी पटेल ने 25 हजार रुपये नकद देने की शर्त रख दी।
परिजनों के मुताबिक शिराजुद्दीन मूंगफली बेचकर परिवार का गुजारा करते हैं। पत्नी की जान बचाने के लिए उन्होंने रिश्तेदारों से उधार लेकर डॉक्टर को 25 हजार रुपये दिए। आरोप है कि रकम देने के बाद ही चिकित्सक ने ऑपरेशन किया।
हालांकि ऑपरेशन के करीब 22 दिन बीत जाने के बाद भी मरीज की हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। परिजनों का कहना है कि अब डॉक्टर जिम्मेदारी से बचते हुए मरीज को दूसरे अस्पताल रेफर करने की बात कह रहे हैं। इससे परिवार की चिंता और बढ़ गई है।
पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की शिकायत सिविल सर्जन से की है और आरोप लगाया है कि सरकारी अस्पताल में गरीबों के मुफ्त इलाज के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं। उनका कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों से भी इलाज के नाम पर पैसे लिए जा रहे हैं।
वहीं जिला अस्पताल में इलाज के बदले पैसे लेने के आरोप पहले भी कई बार सामने आ चुके हैं। बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से मरीजों में नाराजगी बढ़ रही है। मामले को लेकर सिविल सर्जन ने जांच कराने की बात कही है।

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