नगर परिसद की भ्रस्ट कार्यशैली से परेशान आमजन,जिम्मेदारों की लापरवाही जारी

बुढ़ार(विपिन मिश्रा)। बुढ़ार नगर परिसद की हालात इन दिनों खस्ताहाल है। लोगों को उनकी मूलभूत सुविधाओं तक को मुहैया नही कर प रही है।नगर परिसद के अंतर्गत आने वाली सभी सड़के और नालियों की स्थिति खराब है।शहर में सड़कों और नालियों की लगातार सफाई न होने से शहर के लोग परेशान है।इसके अंतर्गत आने वाले समस्त वार्डों में साफ सफाई का आभाव है बाबजूद इसके जिम्मेदारों की ओर से कोई ध्यान नही दिया जा रहा है।सड़के बदहाल है ,नालियां टूटी फूटी है लेकिन नगर परिसद का कोई भी जिम्मेदार इस ओर अपना ध्यान आकर्षित नही करना चाहता है।लोगों की माने तो शहर की हालात गंभीर है।लोगों के द्वारा नगर परिसद को सभी प्रकार के कर का भुगतान किया जा रहा है लेकिन बदले में जो सुविधाएं मिलनी चाहिए वो नही मिल पा रही है। नालियां बजबजाई रहती है गंदा पानी ज्यो का त्यो बहता रहता है और लोगों को बीमार करता है इसके बाद भी कोई विशेष ध्यान नही दिया जा रहा है।शहर की सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे उभर आये है।जब लोगों के द्वारा इन समस्याओं की शिकायत नगर परिसद के जिम्मेदारों से की जाती है तो वही जिम्मेदार लोगों के सामने दीन-हीन बन कर खड़े हो जाते है।

पर्याप्त कर्मचारी होने के बाद भी साफ-सफाई में हो रही अनदेखी
नगर परिसद के पास पर्याप्त सफाई कर्मचारी होने के बाद भी शहर में साफ सफाई में अनदेखी की जाती है।नगर परिसद के जिम्मेदारों की लापरवाही से शहर के अंदर की तस्वीर बिगड़ रही है।कुछ वार्डों की हालात तोह ऐसी है की वहां नालियों का पानी सड़कों पर उतर आता है और लोगों के घरों के सामने जमा हो जाता है।इसके बाद भी नगर परिसद के जिम्मेदार सीना ताने सवाल करने को तत्पर रहते है की नगर परिसद कहा लापरवाही बरत रही है।शहर में वार्ड क्रमांक 15 की हालात सबसे ज्यादा खराब है इस वार्ड में अकेले जितनी गंदगी देखने को मिलती है उतनी शायद पूरे शहर में खि देखने को मिले।इसी प्रकार शहर के बनयान टोला,बरियान टोला,लाखेरन टोला ऐसे और भी के वार्ड है जहां लगातार गंदगी देखने को मिलती है।देश भर में कोरोना जैसी महामारी के प्रसार को रोकने के लिए शासन और प्रशासन लगातार लोगों को साफ सफाई से रहने के निर्देश दे रही है वही बुढ़ार के नगर परिसद के जिम्मेदारों की लापरवाही थमने का नाम नही ले रही है।शहर की हालात दिन व दिन बाद से बदतर होते जा रहा है।

लगभग 15 सालों से नही हो पाया सड़क का निर्माण
नगर परिसद के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 4 में नगर परिसद के द्वारा आज तक सड़क का निर्माण नही कराया जा सका है।वार्ड क्रमांक 4 जिसे नये सब्जी मंडी के नाम से जाना जाता है।इस जगह पर लगभग सड़कों दुकानों का संचालन होता है और लोगों के लगभग सभी जरूरत की वस्तुएं यहां उपलब्ध रहती है।यहां स्थित दुकानों के संचालक लगातार पिछले 15 वर्षों से सड़क और नाली के निर्माण की मांग कर रहे है लेकिन किसी प्रकार का ध्यान अब तक उन लोगों की मांगो पर नही दिया गया है।नगर परिसद की माने तो वार्ड क्रमांक 4 में बनी दुकाने शहर के कुछ बड़े भूमिस्वमियों ने निर्माण कराई है।जिसे निर्माण करा कर बेंच दिया गया है।बेंचने के दौरान सर्थ राखी गई थी जिसमे दुकानदारों के दुकानों के सामने 20 फिट की जमीन छोड़ दी गई थी जिस पर सड़क और नाली का निर्माण इन्ही भूस्वामियों को कराना था।इसी स्थान पर नगर परिसद को कुछ भूमि दान की गई थी जिसमे नगर परिसद के द्वारा सब्जी मंडी का निर्माण करना था लेकिन वो भी नही हो पाया है।इस वार्ड में सड़क के निर्माण में लगभग करोड़ो रुपये खर्च होना है लेकिन नगर परिसद को यहां से किसी प्रकार का लाभ की प्राप्ति नही होगी इसी लिए यहां पर सड़क और नाली का निर्माण नगर परिसद के द्वारा नही कराया जा रहा है।

नही होती नियमित सफाई न उठता प्रतिदिन कचरों का ढ़ेर
वार्ड के वाशिन्दों की माने तो नगर परिसद वार्डों में सफाई में लापवाही तो करता ही है साथ ही यदि अगर हफ्तों में कभी सफाई हुई भी तो कचरों का ढेर ज्यो का त्यों पड़ा रहता है।नगर परिसद के पास पर्याप्त कर्मचारी होने के बाबजूद भी शहर के वार्डों में नियमित साफ सफाई नही होती है।

रेलवे सड़क में सब्जी मंडी का संचालन नही है स्थाई सब्जी मंडी और मीट मार्केट
शहर में सब्जी मंडी का संचालन रेलवे की ओर जाने वाले सड़क पर होता है जिससे इस सड़क पर जाम लगता है।लोगों को चलने में अशुविधा होती है।सब्जी मंडी की वजह से यहां पर गंदगी भी पनपती रहती है।शहर में एक भी स्थाई मीट मार्केट नही है जिसके वजह से आम सड़क पर ही लोग मीट की दुकान लगा कर बैठ जाते है।लोग नगर परिसद के भ्रस्ट कार्यशैली से परेशान हो रहे है लोगों की किसी प्रकार की सुविधा नगर परिसद के द्वारा नही मिल प रही है।

न्यायालय के सड़क पर कचरों का ढेर
नगर परिसद बिल्कुल लापरवाह हो चुका है।न्यायालय की ओर जाने वाले सड़कों के किनारे ही कचरों का ढेर दिख जाता है।जहां शहर के आलाधिकारियों की आवाजाही रहती है उस स्थान की ऐसी स्थिति है तो शहर के अंदर की हालात का अंदाज़ अपने आप है लगाया जा सकता है।

नगर परिसद की हालात खराब है नगर परिसद के पास इतनी बजट नही है की शहर में उसका उपयोग किया जा सके।हालात ऐसी होती जा रही है की कर्मचारियों को वेतन तक देना मुश्किल है।अभी जैसे तैसे चल रहा है आगे का पता नही।

अंजनी श्रीवास्तव
प्रभारी सी.एम.ओ(नगर परिसद बुढ़ार)